आपना हरयाण

आपना हरयाणा
                  आओ म वादा करता हु ,तुमारी कुछ यादें ताज़ा करता हु 

                                             आगये तोह देख  क जईओ  जीससा अवगा  


     हाथ म ह मैरे ताश ,हरयाणा स सब त खास 



मेसा गेल प्यार था 
गेल नाहन म न्यारा इ 
स्वाद था  | 





बचपन म क्या की न टेंशन थी 


  सब न बेरा न क लोभ भाग्या र हरयाणा न  pubg खा गया र  


बारिश क बाद का टेम 

भान र बहाई  का प्यार था
बास मिलन का इंतज़ार था 

बालक न रोंदा चुप करा दिया करती
एक थापड़ म इ सुआ दिए करती  

लोगा का आपस म प्यार था
जब्बे तोह सुखी महरा संसार था 

उस टाइम के खेल निराले थे  

र थम न के सुनाऊ
खेता की हवा के  कुकर सुआद दुवाउ  

गात म हाँगा था

या तोह सब क दिल की रानी थी
कसूती इ होक्के की कहानी थी  

burgger का न जमाना था
एक no. का खाना था 

माँ बेटी का प्यार था
मिलान का इंतज़ार था 

हवा गेल इसकी यारी ह
इस की तोह बात निराली  ह
 



या तौह हर घर की संम्पति
ह गोसा स मैडम
गैस भी इस त  सस्ती ह 

याद ह क भूल गए 

किवाड़ बेसक कमजोर थे
दुश्मन खात्तर भी खुल्ले थे 

सब न अपना काम प्यारा था
यो महरा हरयाणा था 

इस की सवारी जिस न न करि
फेर क करया 

घर म  एक चुल्ला था
bahi कठे रया करते
 

सब त काम की चीज़ 

वा भी कसूती 
इ शाम थी 
और दोस्तों हरयाण की शान
थी 


भइओ     शान      तोह    इब्ब    बी    स 
बस     इस     न    भूलो    न    थोड़े    पीछे    न    आजा   ओ 
अपनी    संस्कृति    त     खेलो     न  



| | राम राम | | 


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